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कॉलेज और विश्वविद्यालयों को दोबारा खोलने के लिए UGC ने दिशानिर्देश जारी किए

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के कैंपस को दोबारा खोलने के लिए दिशानिर्देश जारी किए। यह दिशानिर्देश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, गृह मंत्रालय और शित्रा मंत्रालय द्वारा अनुमोदित हैं। इन दिशानिर्देशों को स्थानीय परिस्थितियों और सरकारी प्राधिकरणों के निर्देशों के मुताबिक संस्थान अपना सकते हैं।

कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित विश्वविद्यालय और कॉलेजों को राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों से परामर्श के बाद श्रेणीबद्ध तरीके से खोला जा सकता है। इस दौरान सुरक्षा एवं स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के लिए यूजीसी द्वारा जारी दिशानिर्देश/एसओपी का पालन करना होगा, जो कि निम्नलिखित हैः

i.        केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित उच्च शिक्षा संस्थान के लिए, संस्थान का प्रमुख शारीरिक कक्षाओं की संभावना को लेकर खुद संतुष्ट होना चाहिए और उसी आधार पर फैसला लेना चाहिए।

ii.        अन्य सभी उच्च शिक्षा संस्थान जैसे कि राज्य विश्वविद्याल, निजी विश्वविद्यालय, कॉलेज आदि में शारीरिक कक्षाएं राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों के फैसले के अनुसार शुरू की जाएंगी।

iii.        विश्वविद्यालय और कॉलेज ऐसी गतिविधियों के साथ अपने कैंपस को चरणों में खोलने की योजना बना सकते हैं जिसमें सामाजिक दूरी, फेस मास्क का इस्तेमाल और अन्य सुरक्षात्मक उपायों का आसानी से पालन किया जा सके। इसमें प्रशासनिक कार्यालय, अनुसंधान प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय भी शामिल हैं।

iv.        इसके बाद, सभी शोध कार्यक्रमों और विज्ञान व तकनीकी कार्यक्रमों में स्नातकोत्तर के छात्र भी इसमें शामिल हो सकते हैं क्योंकि ऐसे छात्रों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम है और सामाजिक दूरी व अन्य निवारक उपायों के नियम को आसानी को लागू किया जा सकता है।

v.        इसके बाद, संस्थान के प्रमुख के फैसले के अनुसार, फाइनल ईयर के छात्रों को भी शैक्षणिक और प्लेसमेंट के उद्देश्य से कैंपस में शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है।

हालांकि ऊपर दिए गए (iii), (iv) और (v) बिंदु के लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी समय कुल छात्रों के 50% से अधिक छात्र उपस्थित ना हों और कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश/प्रोटोकॉल्स लागू हों।

Vi        ऊपर दिए गए पारा (iv) और (v) में उल्लिखित कार्यक्रमों से अलग अन्य कार्यक्रमों के लिए, ऑनलाइन/डिस्टेंस लर्निंग को शिक्षण के प्रमुख मोड के रूप में जारी रखा जाए और बढ़ावा दिया जाए।

Vii       हालांकि, यदि आवश्यक हो, तो छात्र भीड़ से बचने के लिए पूर्व अनुमति लेकर, शारीरिक दूरी के नियम और अन्य सुरक्षा प्रोटोकॉल्स का पालन करते हुए फैकल्टी मेंबर्स से परामर्श के लिए छोटी संख्या में अपने विभाग में जा सकते हैं।

Viii      कुछ छात्र क्लास में शामिल नहीं होने का विकल्प चुनकर घर पर रहते हुए ऑनलाइन पढ़ाई को प्राथमिकता दे सकते हैं। संस्थान इन छात्रों को शिक्षण-अध्ययन के लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और ई-संसाधनों तक पहुंच प्रदान कर सकते हैं।

Ix         संस्थानों को ऐसे अन्तर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए भी योजना तैयार रखनी चाहिए जो वीजा संबंधित मामलों या अन्तर्राष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंध के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। ऑनलाइन शिक्षण-अध्ययन का प्रबंध उनके लिए भी किया जाना चाहिए।

X          सुरक्षा और स्वास्थ्य निवारक उपायों का सख्ती से पालन करते हुए हॉस्टल केवल वहां ही खोले जाएंगे जहां बेहद आवश्यक हैं। हालांकि हॉस्टल में कमरे साझा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। जिन छात्रों में लक्षण हैं, उन्हें किसी भी परिस्थिति में हॉस्टल में रुकने की इजाजत नहीं दी जा सकेगी।

Xi         किसी भी कैंपस को खोलने से पहले, केंद्र या उस राज्य की सरकार को शैक्षणिक संस्थान को खोलने के लिए वह क्षेत्र सुरक्षित घोषित करना होगा। उच्च शिक्षण संस्थानों को कोविड-19 के मद्देनजर केंद्र और उस राज्य सरकार द्वारा जारी सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े निर्देश, हिदायतें, दिशानिर्देश और आदेशों का पूरी तरह पालन करना होगा।

यह दिशानिर्देश दोबारा कैंपस खोलने से पहले उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा उठाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से बताते हैं। यह दिशानिर्देश उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रवेश/निकास बिंदु(ओं), क्लासरूम और अन्य शिक्षण स्थलों, कैंपस के अंदर और हॉस्टल में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के बारे में भी बताते हैं। इस दस्तावेज में मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श प्रदान करने के बारे में भी निर्देश दिया गया है।

इससे पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 29 अप्रैल, 2020 और फिर 6 जुलाई, 2020 को “कोविड-19 महामारी और उसके कारण लगे लॉकडाउन के मद्देनजर विश्वविद्यालय के लिए परीक्षा और अकादमिक कैलेंडर के लिए दिशानिर्देश” जारी किए थे। इन दिशानिर्देशों में परीक्षा, अकादमिक कैलेंडर, एडमिशन, ऑनलाइन शिक्षण-अध्यापन से जुड़े महत्वपूर्ण आयामों को शामिल किया गया था और विश्वविद्यालयों द्वारा इन्हें अपनाने का लचीलापन प्रदान किया गया था।

इसके बाद 24 सितंबर, 2020 को “कोविड-19 महामारी के मद्देनजर 2020-21 के सत्र के लिए विश्वविद्यालय के प्रथम वर्ष के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए अकादमिक कैलेंडर पर यूजीसी के दिशानिर्देश” जारी किए थे।

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