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हाथरस मामले मे SC का आदेश इलाहाबाद हाई कोर्ट करेगा CBI जांच की निगरानी

हाथरस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को भेज दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाथरस केस की छानबीन से संबंधित मामले की मॉनिटरिंग इलाहाबाद हाई कोर्ट करेगा। मामले की छानबीन सीबीआई कर रही है।

चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अगुआई वाली बेंच ने कहा कि हाथरस के विक्टिम परिवार की सुरक्षा, गवाहों की सुरक्षा से लेकर अन्य तमाम पहलुओं को इलाहाबाद हाई कोर्ट देखेगा। इस मामले में CBI अपनी स्टेटस रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौंपेगी और हाई कोर्ट मामले को मॉनिटर करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा था कि मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में होनी चाहिए और वहीं निपटान होना चाहिए हम तो आखिरी मॉनिटरिंग बॉडी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रखते हुए 15 अक्टूबर को ही संकेत दिया था कि मामले में सीबीआई जांच की निगरानी से लेकर अन्य तमाम तरह की याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजी जा सकती है।

यूपी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा गया था कि हाथरस मामले में विक्टिम फैमिली व गवाहों को तीन स्तरीय का प्रोटेक्शन दिया गया है। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर विक्टिम परिवार के सदस्यों को दी गई सुरक्षा का डिटेल भी पेश किया है। यूपी सरकार ने कहा कि सरकार गवाहों और विक्टिम परिवार की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

इससे पहले यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि हाथरस कांड की विक्टिम का अंतिम संस्कार रात में इसलिए करना पड़ा क्योंकि खुफिया रिपोर्ट में लॉ ऐंड ऑर्डर का खतरा था और सुबह तक इंतजार में हिंसा होने का अंदेशा था।

सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने कहा कि उन्होंने सीबीआई जांच की सिफारिश की हुई है। सुप्रीम कोर्ट खुद मामले की निगरानी करे और मामले की जांच सीबीआई के हवाले कर दे ताकि सच्चाई सामने आ सके।

सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल कर हाथरस रेप केस में सीबीआई या एसआईटी जांच की मांग की गई थी। पीआईएल में कहा गया है कि पीड़ित पक्ष के साथ पुलिस ने अपनी ड्यूटी का सही तरह से पालन नहीं किया। आरोपी का बचाव किया जा रहा है। साथ ही आधी रात को परिजनों को बताए बिना अंतिम संस्कार किया गया। विक्टिम फैमिली ने मामले का ट्रायल यूपी से बाहर किए जाने की मांग की थी। साथ ही कहा था कि गवाहों को सुरक्षा प्रदान की जाए।

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