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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट 22-23 के परिप्रेक्ष्य में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ आयोजित वर्चुअल संवाद किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्रीय बजट 2022-23 के परिप्रेक्ष्य में देश भर के भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ आयोजित वर्चुअल संवाद कार्यक्रम “आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था” को संबोधित किया और इस बार के बजट के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, इस प्रो-पीपल और प्रोग्रेसिव बजट के विभिन्न आयामों से कार्यकर्ताओं को अवगत कराया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव  बी. एल. संतोष जी, पार्टी के सभी राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, केंद्र सरकार में मंत्री तथा पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं नेता डॉ अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली और कई अन्य जगहों से वर्चुअली जुड़े। देश भर में लगभग 1800 स्थानों से राज्य, जिला और मंडल स्तर से भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री, राज्य सरकार में मंत्री, पार्टी पदाधिकारी, पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं लाखों पार्टी कार्यकर्ता जुड़े।

प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी का धन्यवाद किया कि उन्होंने इस तरह के संवाद कार्यक्रम की रचना की और मुझे बजट पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया। कल निर्मला सीतारमण जी ने हुत ही खूबसूरती से, बहुत ही अच्छे ढंग से बजट के कुछ पहलुओं को हमारे सामने रखा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पूरी दुनिया बदल गई, वैसे ही कोरोना के बाद दुनिया में बहुत सारे बदलाव की संभावना है। इस समय 100 साल में आई सबसे बड़ी वैश्विक महामारी से देश लड़ रहा है। कोरोना का ये कालखंड पूरी दुनिया के लिए एक प्रकार से टर्निंग पॉइंट है। आगे जो दुनिया हम देखने वाले हैं, वो वैसी नहीं होगी जैसी कोरोना काल से पहले थी। ये भारत के लिए नए सिरे से तैयारी का, नए अवसरों का, नए संकल्पों की सिद्धि का समय है। बहुत जरूरी है कि भारत आत्मनिर्भर बने और उस आत्मनिर्भर भारत की नींव पर एक आधुनिक भारत का निर्माण हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते सात वर्षों में जो निर्णय लिए गए, जो नीतियां बनीं, पहले की जिन नीतियों में सुधार हुआ, उस वजह से आज भारत की अर्थव्यवस्था का निरंतर विस्तार हो रहा है। 7-8 साल पहले भारत की जीडीपी 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए थी। आज भारत की अर्थव्यवस्था 2 लाख 30 हजार करोड़ के आसपास की है। जब गरीब को मूलभूत सुविधाएं मिलती हैं तो वो अपनी ऊर्जा, अपने विकास, देश के विकास में लगाता है। इस बजट का भी फोकस गरीब, मिडिल क्लास और युवाओं को बुनियादी सुविधाएं देने और आय के स्थाई समाधानों से जोड़ने पर है।

मोदी ने कहा कि हमारी सरकार के प्रयासों से आज देश में करीब-करीब 9 करोड़ ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचने लगा है। इसमें से करीब-करीब 5 करोड़ से ज्यादा पानी के कनेक्शन, जल जीवन मिशन के तहत पिछले 2 वर्ष में दिए गए हैं। बजट में घोषणा की गई है कि इस साल करीब 4 करोड़ ग्रामीण घरों को पाइप से पानी का कनेक्शन दिया जाएगा। इस पर 60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। विशेष रूप से केन-बेतवा को लिंक करने के लिए जो हज़ारों करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, उससे यूपी और एमपी के बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर भी बदलने वाली है। अब बुंदेलखंड के खेतों में और हरियाली आएगी, घरों में पर्याप्त पीने का पानी आएगा, खेतों में पानी आएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जैसे देश में कोई क्षेत्र पिछड़ा रहे, ये ठीक नहीं था। इसलिए हमने आकांक्षी जिला अभियान शुरू किया था। इन जिलों में गरीब की शिक्षा के लिए, स्वास्थ्य के लिए, सड़कों के लिए, बिजली-पानी के लिए जो काम हुए, उसकी प्रशंसा संयुक्त राष्ट्र ने भी की है। सीमा पर मौजूद गांवों के विकास के बारे में नए सिरे से सोचा गया है। ऐसे गावों में हर प्रकार की सुविधा हो, बिजली-पानी-सड़क का इंतजाम हो, इसके लिए बजट में विशेष वाइब्रेंट विलेज प्रोगाम का ऐलान किया गया है। राष्ट्र रक्षा से जुड़े एक और बड़े अभियान ‘पर्वतमाला परियोजना’ की बजट में घोषणा की गई है। ये हिमालय के क्षेत्रों में आधुनिक कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने वाली है।

मोदी ने कहा कि देश की कृषि को टेक्नॉलॉजी आधारित और कैमिकल फ्री बनाने के लिए बड़े कदम इस बजट में उठाए गए हैं। बीते बजट में हमने किसान रेल और किसान उड़ान की सुविधा सुनिश्चित की, अब किसान ड्रोन किसान का नया साथी बनने वाला है। अब हम नेचुरल फार्मिंग कॉरिडोर पर काम कर रहे हैं। ये कॉरिडोर 2500 किलोमीटर का होगा। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मां गंगा के किनारे 5 किलोमीटर चौड़ा नेचुरल फार्मिंग का कॉरिडोर तैयार किया जाएगा।

माननीय प्रधानमंत्री ने कहा कि हर साल जो लाखों करोड़ रुपए हम खाद्य तेल खरीदने के लिए विदेश भेजते हैं, वह देश के किसानों को ही मिले, इसके लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने का एक बड़ा अभियान निरंतर चल रहा है जिसके माध्यम से खेत में ही सोलर पैनल लगाने के लिए मदद दी जा रही है। एमएसपी को लेकर भी अनेक प्रकार की बातें फैलाई गई लेकिन हमारी सरकार ने बीते सालों में एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद की है। सिर्फ धान की ही बात करें तो इस सीज़न में किसानों को एमएसपी के रूप में डेढ़ लाख करोड़ रुपए से अधिक मिलने का अनुमान है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा युवा आकांक्षाओं और युवा सपनों को समझती है। ये इस बजट में भी स्पष्ट रूप से दिखता है। इस बजट में स्टार्ट अप्स के लिए टैक्स बेनिफिट को आगे बढ़ाया गया है। अब पोस्ट ऑफिस के खातों में भी बैंकों की तरह ही मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम और ऑनलाइन फंड ट्रांस्फर की सुविधा मिल पाएगी। अभी देश में डेढ़ लाख से अधिक पोस्ट ऑफिस हैं, जिसमें से अधिकतर गांवों में हैं। पोस्ट ऑफिस में जिनके सुकन्या समृद्धि अकाउंट और पीपीएफ अकाउंट हैं, उनको भी अब अपनी किश्त जमा करने पोस्ट ऑफिस जाने की ज़रूरत नहीं है। अब वो सीधे अपने बैंक अकाउंट से ऑनलाइन ट्रांसफर कर पाएंगे। अब पोस्ट ऑफिस के खातों में भी बैंकों की तरह ही मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम और ऑनलाइन फंड ट्रांस्फर की सुविधा मिल पाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सस्ता और तेज़ इंटरनेट भारत की पहचान बन चुका है। बहुत जल्द सभी गांव तक ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी पूरी होगी। 5G सर्विस की लॉन्चिंग भारत में ईज़ ऑफ लिविंग और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को एक अलग ही आयाम देने वाली है। आज देश में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक (AVGC) सेक्टर भी तेज़ी से विकास कर रहा है। भारत मोबाइल गेमिंग को लेकर दुनिया के टॉप 5 मार्केट्स में से एक है। इस सेक्टर में “क्रियेट इन इंडिया” और “ब्रांड इंडिया” को सशक्त करने का भरपूर पोटेंशियल है। भारत को ग्लोबल गेम डेवलपर्स और गेमिंग सर्विस का हब बनाने के लिए इस बजट में एक टास्क फोर्स के गठन की बात कही गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के अखबारों में डिजिटल करेंसी की भी काफी चर्चा है। इससे डिजिटल इकॉनॉमी को बहुत बल मिलेगा। ये डिजिटल रुपया अभी जो हमारी फिजिकल करेंसी है उसका ही डिजिटल स्वरूप होगा और इसे आरबीआई द्वारा प्रबंधित किया जाएगा। इसको फिजिकल करेंसी से एक्सचेंज किया जा सकेगा। कोरोना काल में हमने छोटे उद्यमियों को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी क्रेडिट गारंटी स्कीम शुरू की थी। एसबीआई के अध्ययन में ये बात सामने आई है कि इस योजना से MSME सेक्टर में लगभग डेढ़ करोड़ नौकरियां सुरक्षित हुई हैं और करीब 6 करोड़ लोगों की जीविका सुरक्षित हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार बजट में एक बात जो सबसे खास, और सबसे अलग है तो वो है – पब्लिक इन्वेस्टमेंट। ये कितना बड़ा कदम है और इसका असर कितना बड़ा होगा, इस बात का अनुमान इससे लगा सकते हैं कि वर्ष 2013-14 में सार्वजानिक निवेश सिर्फ 1 लाख 87 हजार करोड़ था। इस बजट में ये 7 लाख 50 हजार करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि 2014 में देश में 90 हजार किलोमीटर नेशनल हाइवेज थे। ये 90 हजार किलोमीटर हाइवे पिछले 70 सालों में बने थे। हमने पिछले 7 सालों में ही 50 हजार किलोमीटर नेशनल हाइवेज बनाए हैं। पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के तहत देश में नए हाइवे और बनाएँगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में चार जगहों पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क्स बनाए जाएंगे। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक फेसिलिटीज के लिए 100 प्रधानमंत्री गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल्स विकसित किए जाएंगे। इससे उद्योगों, व्यापार के लिए किसी भी चीज के लाने ले जाने में लगने वाला समय कम होगा, भारत से निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। इन 7 सालों में हमने 25 हजार गैर-जरूरी अनुपालनों को खत्म किया है। 15 सौ गैर-जरूरी और पुराने क़ानूनों को भी खत्म किया गया है। इसी भरोसे की बुनियाद पर सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस 2.0’ अभियान भी शुरू करने जा रही है।

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