CRIME

Boys Locker Room में खुलासा, रेप की चैट करने वाला लड़का नहीं लड़की है #boislockerroom

सोशल मीडिया पर स्कूली छात्रों के बीच अश्लील चैट की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।साइबर सेल यूनिट का दावा है कि ब्वायज लॉकर रूम में जिन अश्लील बातचीत के स्क्रीन शॉट प्रसारित किए गए थे, वह चैट जिन किशोरों के बीच हुई थी, वे ब्वायज लॉकर रूम से किसी भी प्रकार से जुड़े हुए ही नहीं हैं। यह चैट एक नाबालिग लड़की ने लड़के के नाम से नकली प्रोफाइल बनाकर अपने दोस्त के साथ किया था।

दोनों के बीच स्नैपचैट पर बातचीत हुई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि स्नैपचैट पर बातचीत करने के लिए सिद्धार्थ नाम की जिस प्रोफाइल को बनाया गया, वह एक किशोरी ने बनाई थी और अपने दोस्त के चरित्र के बारे में जानने के लिए अश्लील बातों के साथ दुष्कर्म की बात कही थी।

डीसीपी अनेश राय ने बताया कि सोशल मीडिया पर ब्वॉयज लॉकर रूम नाम से जो भी अश्लील कमेंट व रेप वाली एक चैट की स्क्रीनशॉट वायरल हुई थी, वह दो नाबालिगों के बीच की चैट थी। इसमें एक नाबालिग लड़की अपने नाबालिग दोस्त से रेप करने जैसे अश्लील चैट इसलिए कर रही थी कि वह यह पता लगा सके कि इस लड़के का चरित्र कैसा है?

पुलिस ने इस खुलासे के बाद काल्पनिक नाम सिद्धार्थ के जरिए फेक प्रोफाइल बनाकर चैट करने वाली इस लड़की और उसके नाबालिग दोस्त दोनों से अलग-अलग पूछताछ की।

जांच आगे बढाते हुए पुलिस ने जब चैट करने वाले दोनों सदस्यों की जांच की तो यह खुलासा हुआ कि इसमें चैट करने वाला सिद्धार्थ नाम के शख्स वाला प्रोफाइल नकली है। एक नाबालिग लड़की ने इस नकली प्रोफाइल को बनाया है। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो लड़की ने बताया कि अपने दोस्त के चरित्र की जांच करने के लिए यह सब कर रही थी। उसने लड़के के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर चैट किया था। उसने जानबूझ कर रेप करने जैसी चैट भी की थी, ताकि वह यह पता लगा सके कि यह लड़का आखिरकार उसके बारे में क्या सोचता है।

24 लड़कों से हो रही पूछताछ

इस ग्रुप के अन्य सदस्यों का विवरण उनके शैक्षणिक संस्थान, मित्रों व परिचितों से एकत्र किए गए। मामला दर्ज करने के अगले दिन नोएडा के निवासी ग्रुप एडमिन को गिरफ्तार किया गया था। मामले से जुड़े 24 से अधिक छात्रों से पूछताछ करने के साथ मामले से जुड़े मोबाइल व अन्य उपकरणों को जब्त करके फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

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