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केंद्रीय गृह मंत्री, अमित शाह ने दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट ग्राउंड नरेन्द्र मोदी स्टेडियम के उद्घाटन मे कहा

आज बुधवार को अहमदाबाद में महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी ने 1.32 लाख दर्शकों की क्षमता वाले दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट ग्राउंड नरेन्द्र मोदी स्टेडियम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर देश की प्रथम महिला मती सविता कोविंद जी, माननीय गृह मंत्री एवं गांधीनगर लोक सभा क्षेत्र से सांसद  अमित शाह जी, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी, युवा एवं खेल मामलों के केंद्रीय  मंत्री  किरिन रिजीजू जी, गुजरात के उप-मुख्यमंत्री  नितिन पटेल जी, स्टेडियम के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाने वाले एवं सांसद  परिमल नाथवानी जी, गुजरात सरकार के मुख्य सचिव  अनिल मुकिम जी, एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष एवं बीसीसीआई के सचिव  जय शाह जी सहित कई गणमान्य व्यक्तित्व एवं खेल जगत की कई हस्तियाँ उपस्थित थे।  नरेन्द्र मोदी स्टेडियम का उद्घाटन करने के साथ-साथ महामहिम राष्ट्रपति महोदय ने 233 एकड़ में बनने वाले लौह पुरुष सरदाल वल्लभ भाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव का भी भूमि-पूजन किया।  नरेन्द्र मोदी स्टेडियम इसी सरदाल वल्लभ भाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव का एक हिस्सा है।

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज भारतीय खेल जगत के इतिहास का एक स्वर्णिम दिन है जब महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी के कर-कमलों से भारत के लौह पुरुष, भारत रत्न एवं गुजरात के सुपुत्र सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम से एक बड़े स्पोर्ट एन्क्लेव का भूमि पूजन हुआ है जिसका एक हिस्सा यह विशाल नरेन्द्र मोदी स्टेडियम है। इस स्पोर्ट एन्क्लेव में विश्व स्तरीय सभी खेलों की व्यवस्था होने के साथ-साथ देश और दुनिया के सभी खेलों के सभी खिलाड़ियों को ट्रेनिंग की भी व्यवस्था होगी। साथ ही, बड़ी संख्या में कोच के रहने की भी यहाँ व्यवस्था होगी। यहाँ पर एक साथ लगभग तीन हजार एथलीट अलग-अलग खेलों की ट्रेनिंग ले सकें, ऐसी व्यवस्था होगी। मैं इस लोक सभा क्षेत्र का सांसद होने के नाते भी मैं महामहिम राष्ट्रपति जी का आज के इस कार्यक्रम में भव्य स्वागत करता हूँ।

महामहिम राष्ट्रपति महोदय के सौम्य व्यक्तित्व एवं कार्यपद्धति की सराहना करते हुए  शाह ने कहा कि जिस दिन  रामनाथ कोविंद जी भारत गणराज्य के राष्ट्रपति बने, उस दिन भारत के करोड़ों सामान्य जनों के मन में यह श्रद्धा जागृत हो गई कि हमारा लोकतंत्र नीचे तक मजबूत हुआ है। देहात में एक सामान्य घर में जन्म लेकर संघर्ष के साथ अपनी मेहनत, शिक्षा और कृतित्व के दम पर भारत के सर्वोच्च स्थान पर विराजमान हो सकता है, ये महामहिम राष्ट्रपति जी ने चरितार्थ कर के दिखाया है। यही हमारे लोकतंत्र का गौरव है। हमने भारतीय जनता पार्टी में साथ में बहुत काम किया है। इतनी सरलता, इतनी लगत, इतनी मेहनत शायद ही किसी एक व्यक्ति में एक साथ मिलती है। अपने आप को आगे ना करते हुए, चुपचाप अपना दिया हुआ काम करना और गरिमापूर्ण तरीके से करना – ये सारे गुण किसी दक्ष व्यक्ति में समाहित हो सकते हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद राष्ट्रपति भवन को उन्होंने आमजन के लिए खोल दिया। साथ ही, राष्ट्रपति भवन में कई ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया  जिसके माध्यम से राष्ट्रपति भवन आज लोगों को अपना लगने लगा है। मैं मानता हूं कि इससे हमारे लोकतंत्र का गौरव बढ़ा है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरदार पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव 233 एकड़ भूमि में बनेगा। यह देश का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स एन्क्लेव होगा। इसके साथ नारणपुरा में 18 एकड़ में एक अलग स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनेगा। सरदार पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव, नरेन्द्र मोदी स्टेडियम, नारणपुरा का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और गांधीनगर का स्टेडियम मिलाकर यह किसी भी अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा में खेलने वाले सभी खेलों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने की व्यवस्था एक ही शहर और एक ही जगह पर हो जायेगी। वह एशियाड हो, कॉमनवेल्थ गेम्स हो या फिर ओलंपिक, अहमदाबाद 6 महीनों में ही तैयार हो जाएगा। इस प्रकार के स्पोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट की आज यहाँ शुरुआत हुई है। इसके बन जाने के साथ ही अहमदाबाद भारत में स्पोर्ट सिटी के नाम से जाना जाएगा जिसकी कल्पना हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में रहते हुए की थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद  नरेन्द्र मोदी जी ने स्पष्ट कहा था कि गुजरात को दो विभागों में निश्चित रूप से आगे बढ़ना चाहिए – एक तो स्पोर्ट्स में और दूसरा सेना में भर्ती होने में। आज मुझे यह कहते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है कि आज सेना में गुजरात का कोटा खाली नहीं जाता और स्पोर्ट्स में भी गुजरात के एथलीट बड़ा नाम कर रहे हैं। जब स्टेडियम बनने की बात हुई तो उन्होंने ही कहा था कि गुजरात में जो भी बनेगा, वो विश्व में सबसे बड़ा होगा। और अब यह हो गया। 1 लाख 32 हजार क्रिकेट प्रेमी एकसाथ स्टेडियम में क्रिकेट का लुत्फ उठा पाएं, ऐसा स्टेडियम बना है जो न केवल दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स स्टेडियम है जिसका नाम हमने आज अपने देश के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नाम पर रखा है। 

शाह ने कहा कि यह स्टेडियम ओलंपिक आकार के 32 फुटबॉल स्टेडियमों के बराबर का है। यह स्टेडियम 63 एकड़ में फैला हुआ है और इसे बनाने में लगभग 800 करोड़ रुपये लगे हैं। इस स्टेडियम में 76 कॉरपोरेट बॉक्स, चार ड्रेसिंग रूम के अलावा तीन प्रैक्टिस ग्राउंड भी हैं। एक साथ चार ड्रेसिंग रूम वाला यह दुनिया का पहला स्टेडियम है। आज दुनिया में किसी भी क्रिकेट स्टेडियम में एक साथ 11 पिच नहीं है। यहाँ एक दिन में दो मैच भी आयोजित किये जा सकते हैं। इसमें त्याधुनिक जल निकासी प्रणाली भी बनाई गई है ताकि बारिश से कोई  मैच न धुले। यहाँ इस तरह अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से युक्त फ्लड लाइट्स लगाए गए हैं कि फ्लड लाइट्स के कारण न तो पिच पर और न ही ग्राउंड पर खिलाड़ियों की परछाई ही पड़ेगी। इन लाइट्स से 40 से 50% तक की बिजली की बचत होगी। हाईटेक मीडिया रूम का निर्माण किया गया है। हाइटेक मीडिया बॉक्स भी बनाए गए हैं। आवाजाही के लिए इसे बीआरटीएस से भी जोड़ा जाएगा और मेट्रो का निर्माण भी हो रहा है। रिवरफ्रंट का एक्सटेंशन कार्य समाप्त हो जाने के बाद यहाँ की सुंदरता में और चार चांद लग जायेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि स्पोर्ट्स एन्क्लेव और नरेन्द्र मोदी स्टेडियम के अंदर ही अलग-अलग प्रकार के खेलों को खेलने की व्यवस्था की गई है। साथ ही, एथलीट और खेलों के कोच के भी रहने की व्यवस्था की गई है। अहमदाबाद एवं गांधीनगर जिला और इसके ग्रामीण इलाकों के लगभग 650 से अधिक उन विद्यालयों को हम इस स्टेडियम और स्पोर्ट्स एन्क्लेव से जोड़ने वाले हैं जहां खेल परिसर नहीं हैं। अगर बच्चे खेलेंगे नहीं तो वे हार को पचा कैसे पायेंगे और जीत का जज्बा कैसे विकसित कर पायेंगे। 34 बसें इन स्कूलों के बच्चों को स्टेडियम लाने और ले जाने का काम करेगी। मैं बच्चों के अभिभावकों से भी अनुरोध करता हूँ कि वे बच्चों को खेल में कैरियर बनाने को बढ़ावा दें।

शाह ने कहा कि इस मैदान ने कई रिकॉर्ड टूटते हुए देखे हैं। आज होने वाले पिंक बॉल टेस्ट क्रिकेट मैच के लिए नाथ मैच रेफरी हैं। उन्होंने यहीं पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6 विकेट लेते हुए भारत को जीत दिलाई थी। इसी ग्राउंड पर महान कपिल देव ने रिचर्ड हेडली के 431 विकेट का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा था। इसी भूमि पर सुनील गावस्कर ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए अपने 10,000 रन पूरे किए थे। इसी जमीं पर  मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 2011 के वर्ल्ड कप के दौरान 18,000 रन पूरा किए थे पूरे किए थे। इसी सरजमीं पर सचिन तेंदुलकर ने अपने कैरियर के 20 साल भी पूरे किए थे। चेतेश्वर पुजारा भी यहां पर डबल सेंचुरी लगा चुके हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। आज हमारे देश को जरूरत है कि अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में हमारे एथलीट मेडल जीतें। इसके लिए एक बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना पड़ता है, अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोचिंग की व्यवस्था करनी पड़ती है और यदि ये सब एक ही जगह पर उपलब्ध हो जाए तो सोने पर सुहागा हो जाता है। आने वाले कई सालों तक देश भर के बच्चों को दुनिया के खेल स्पर्धाओं में आगे लाने के लिए यह एक बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म देने का काम करेगा। सरदार पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव के निर्माण पर लगभग 4600 करोड़ रुपये का खर्चा आयेगा जिसमें से 3200 करोड़ रुपया सरकारी निवेश होगा और 1400 करोड़ रुपये पीपीपी मॉडल से आयेंगे। गुजरात सरकार ने इसके लिए बड़ी भूमि दी है। यहाँ ट्रैक एंड फील्ड तथा फुटबॉल के लिए 50,000 लोगों की क्षमता वाला एक एथलेटिक्स स्टेडियम बनेगा। एक 12,000 दर्शकों की सुविधा वाला और दूसरा 15,000 दर्शकों की क्षमता वाला इनडोर स्टेडियम बनेगा। एक हॉकी स्टेडियम का भी निर्माण होगा जिसका उद्घाटन भी आज महामहिम राष्ट्रपति जी के हाथों हुआ है। यह हॉकी स्टेडियम हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर बनेगा। कुल मिलाकर सरदार पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव के तहत छोटे-बड़े 20 स्टेडियम का निर्माण होगा। यहाँ लगभग 3,000 अपार्टमेंट बनेंगे जिसमें 12,500 बच्चे रह पाएंगे। ढाई सौ कोच एक साथ यहाँ रह पायेंगे। लगभग 12,000 फोर व्हीलर्स और 35,000 टू-व्हीलर्स के पार्किंग की भी व्यवस्था होगी। नारणपुरा में लगभग 18 एकड़ जमीन पर 70,000 वर्ग मीटर की एरिया में 458 करोड रुपए की लागत से एक दूसरा स्पोर्ट्स कंपलेक्स बनने जा रहा है जिसका नामकरण होना बाकी है। ये सभी मेरे ही गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में आते हैं, इसका मुझे गर्व है। वहां एथलेटिक्स स्टेडियम बनने वाला है जिसमें अलग-अलग प्रकार के 33 खेलों को खेला जाएगा। मल्टी स्पोर्ट्स स्टेडियम भी वहां बनने वाला है, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का एक बड़ा टेनिस स्टेडियम भी बनने वाला है। एक्वेटिक स्टेडियम बिल्डिंग भी बनेगी, स्विमिंग पूल की भी व्यवस्था होगी। 50 किलोमीटर के एरिया में खेलों की सभी सुविधा अब अहमदाबाद में उपलब्ध होगी जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है।  

 

शाह ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के दिल में सरदार वल्लभ भाई पटेल के लिए अगाध श्रद्धा है। यदि सरदार पटेल न होते तो हम बिखर जाते। ये सरदार पटेल थे जिन्होंने आजादी के बाद देश के एकीकरण का बीड़ा उठाया और लगभग 650 रियासतों को एक किया लेकिन कांग्रेस शासन के दौरान इतिहास में उनके साथ अन्याय किया गया। जब-जब कांग्रेस का शासन आया, तब-तब सरदार पटेल को भुलाने का प्रयास किया गया लेकिन हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने ऐसी व्यवस्था कर दी कि कोई चाहे कितने वर्षों तक शासन करे, सरदार पटेल को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। युगों-युगों तक सरदार पटेल का नाम अमर रहेगा। माननीय प्रधानमंत्री जी ने केवड़िया में सरदार पटेल की भव्य प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी’ को राष्ट्र को समर्पित किया जो दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा है। 

 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मैं  नरेन्द्र भाई मोदी जी के साथ 2003 से सरकार में काम कर रहा हूं पहले गुजरात में उनके मंत्रिमंडल के सदस्य के रूप में, फिर उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अब दूसरी बार उनके प्रधानमंत्री बनने पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनके सहयोगी के रूप में। उनका मानना है कि जब तक खेल में युवा आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक देश के लिए उनका योगदान परिपूर्ण नहीं होगा। इसके लिए उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ मूवमेंट की शुरुआत की जिसे आशातीत सफलता मिली। मोदी सरकार ने खेल को और खेल के लिए उचित माहौल को तहसील स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया। मणिपुर में देश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित की गई। मैं मानता हूँ कि वह दिन दूर नहीं जब आने वाले दिनों में हमारे खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की हर प्रतिस्पर्धा में देश का नाम रोशन करेंगे चाहे वह एशियाड हो, कॉमनवेल्थ गेम्स हो या फिर ओलंपिक। उन्होंने कहा कि  नरेन्द्र मोदी जी जब से देश के प्रधानमंत्री बने हैं, तब से उन्होंने देश के मान-सम्मान को आगे बढ़ाया है। अब उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ का मंत्र दिया है। इसका मतलब केवल अर्थतंत्र में भारत को आगे करना नहीं है बल्कि हर क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। खेलों में भी आत्मनिर्भरता आनी चाहिए। मैं प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी की ओर से आपको विश्वास दिलाता हूँ कि वे खिलाड़ियों के संरक्षण और संवर्धन से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे

शाह ने कहा कि सभी अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनने वाला यह स्पोर्टस एन्क्लेव देश में खेलों को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा और भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करेगा। मैं सरदार पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव के भूमि पूजन और दुनिया के सबसे बड़े ग्राउंड नरेन्द्र मोदी स्टेडियम के उद्घाटन पर सभी देशवासियों एवं खेलप्रेमियों को शुभकामनाएं देता हूँ।

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