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लॉकडाउन से प्रभावित गरीब किसान और कामगारों के लिए 1.70 करोड़ का राहत पैकेज

Govt announces Rs 1.70 Lakh Crore package –

1 – 8.7 Crore Farmers to get Rs 2000 in their accounts.

2 – MNREGA wages up by Rs 2000 for 5 Crore families.

3 – Rs 500 every month for 3 months in 20 Crore Women Jandhan Accounts

सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के उद्देश्य से शुरू किये गए 21 दिवसीय लॉकडाउन से प्रभावित होने वालों को ध्यान में रखते हुये प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की घोषणा करते हुये 1.70 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज जारी किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां संवाददाताओं से चर्चा में इस पैकेज की घोषणा करते हुये कहा कि इस पैकेज में गरीब, किसान, मजदूर, महिला, दिहाड़ी कामगार, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, विधवाओं और संगठित क्षेत्र के कामगारों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है।

प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना की शुरूआत

वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना की शुरूआत की जायेगी जिसमें गरीबों को निशुल्क अनाज दिया जायेगा। प्रधानमंत्री अन्न योजना के तहत 5 किलो अतिरिक्त गेहूं या चावल अगले तीन महीने तक मिलेगा। इसके साथ ही प्रत्येक परिवार को इस अवधि में हर महीने एक किलो दाल भी दी जायेगी। इसका लाभ करीब 81 लाख उन लोगों को होगा जिनकों अभी जनवितरण प्रणाली से प्रत्येक महीने प्रति व्यक्ति पांच किलो खाद्यान्न मिल रहा है। इस योजना पर 40 हजार करोड़ रुपये व्यय होगा।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली वार्षिक छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता के तहत अप्रैल के प्रारंभ में दो हजार रुपये की पहली किश्त जारी की जायेगी जिससे 8.65 लाख किसानों को 16 हजार करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किये जायेंगे।

मद्देनजर मनरेगा के तहत मिलने वाली दिहाड़ी

वित्त मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के मद्देनजर मनरेगा के तहत मिलने वाली दिहाड़ी में 20 रुपये दैनिक की बढोतरी की गयी है और अब यह 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी गयी है। इससे करीब 13.62 करोड़ परिवार को लाभ होगा और इस पर 5600 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करते हुये लॉकडाउन के बाद मनरेगा के तहत काम शुरू करने की व्यवस्था की जायेगी ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार मिल सके।

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