RELIGIOUS

दिगम्बर जैन समाज के सबसे बड़े संत आचार्य श्री 108 विद्यासागरजी महाराज का चातुर्मास का सौभाग्य 20 साल बाद इंदौर को मिला है

यह जानकारी देते हुए बाल ब्रह्मचारी सुनिल भैया और मीडिया प्रमुख राहुल सेठी ने बताया की आचार्य श्री सहित पूरे संघ का चातुर्मास सावेर रोड स्थित तीर्थोंदय धाम प्रतिभा स्थली पर होगा। 5 जुलाई रविवार गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सभी संत द्वारा चातुर्मास का संकल्प लिया जाएगा। सुबह 7 बजे से यह क्रिया शुरू होगी। इसके साथ ही चार्तुमास स्थापना के पहले दिन आचार्य श्री सहित सभी मुनिराज का उपवास रहेगा। इसके बाद फिर दिन भर चातुर्मास कि विधि होगी। सम्भावना यह भी है की आगामी रविवार 12 जुलाई को चातुर्मास कलश स्थापना की क्रिया हो सकती है। इसी दिन कलश स्थापना करने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले पात्रों का चयन भी किया जाएगा। आचार्यश्री के सानिध्य में जो भी यहा पर आयोजन होंगे, वो सरकारी नियमो के तहत होंगे। आचार्यश्री सहित सभी मुनिराज का इंदौर में मंगल प्रवेश 5 जनवरी को हुआ था। अब 14 नवम्बर दीपावली तक चातुर्मास का लाभ भी समाजजनों को मिल रहा है। इस बार चातुर्मास का महापर्व 5 महीने का होगा।

चातुर्मास के मुख्य पर्व की पूरी जानकारी

इस बार चातुर्मास में अनेक पर्व मनाए तो जायेंगे, लेकिन सभी पर्व सरकार के नियमो के तहत सोशल डिसटेंस के साथ मनाए जायेंगे। प्रमुख रूप से चातुर्मास में ये पर्व होंगे। चातुर्मास प्रारंभ 4 जुलाई, गुरू पूर्णिमा पर्व 5 जुलाई, भगवान पारसनाथजी का मोक्ष कल्याणक मोक्ष सप्तमी 26 जुलाई, सौभाग्य दशमी 29 जुलाई, रक्षाबंधन 3 अगस्त, रोट तीज 21अगस्त, पर्यूषण पर्व 23 अगस्त से शुरू होगा। सुगंध दशमी (धूपदशमी) 28 अगस्त, पर्यूषण पर्व का समापन 01 सितम्बर को होगा। क्षमावणी पर्व 03 अगस्त, शरद पूर्णिमा 31 अक्टूबर, भगवान महावीर स्वामी निर्वाण दिवस-दीपावली 14 नवम्बर।

इन मुनियो का भी मिलेगा सानिध्य

इस वर्ष आचार्यश्री के साथ में 12 मुनियो का भी चातुर्मास इंदौर में होगा। उसमें मुनि श्री १०८ सौम्य सागर महाराज, मुनि श्री १०८ दुर्लभ सागर महाराज, मुनि श्री १०८ निर्दोष सागर महाराज, मुनि श्री १०८ निलोभ सागर महाराज, मुनि श्री १०८ निरोग सागर महाराज, मुनि श्री १०८ निरामय सागर महाराज, मुनि श्री १०८ निराकुल सागर महाराज, मुनि श्री १०८ निरुपम सागर महाराज, मुनि श्री १०८ निरापद सागर महाराज, मुनि श्री १०८ शीतल सागर महाराज, मुनि श्री १०८ श्रमण सागर महाराज, मुनि श्री १०८ संधान सागर महाराज शामिल है।


Discover more from VSP News

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply