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तबलीगी जमात के कारण देश में कोरोना के मामलों में आई तेजी – स्वास्थ्य मंत्रालय

जमात के सदस्यों की यात्राओं से हुआ 154 लोगों को कोरोना वायरस का संक्रमण

कोविड-19: बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस डिजीज से संक्रमण के मामलों में दोगुनी रफ्तार से तेजी आई है। महज एक दिन पहले नए मरीजों की जो संख्या 146 थी। वो अगले ही दिन उछलकर 386 पर जा पहुंची। लिहाजा, देश में कोरोना के पॉजिटिव मामले 1637 तक जा पहुंचे हैं।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय, इस बढ़ोत्तरी को देश में फैले संक्रमण का सामान्य ट्रेंड न मानकर तबलीगी जमात के सदस्यों की यात्राओं से फैल रहा संक्रमण मान रहा है। इस जमात के सदस्यों की यात्राओं के कारण अनेक राज्यों में कोविड के मरीजों की संख्या में जबर्दस्त उछाल आया है। इन यात्राओं के कारण न सिर्फ 154 निर्दोष लोगों को कोरोना के संक्रमण का शिकार बनना पड़ा है। बल्कि देश में कोरोना के कुल मामलों में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। देश में कोरोना के मामले 1637 तक जा पहुंचे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बुधवार को माना कि कोरोना के मामले में तेजी से बढ़ोतरी हुई है लेकिन इस बढ़ोतरी को देश का ट्रेंड नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा इस बढ़ोतरी का एक कारण तबलीगी जमात के सदस्यों की यात्राएं भी रही हैं। उन्होंने बताया कि इन सदस्यों के कारण जम्मू कश्मीर में 23, तेलंगाना में 20, आंध्रप्रदेश में 17, अंडमान व निकोबार में 9, तमिलनाडु में 65, दिल्ली में 18 और पदुचेरी में 2 लोगों को कोरोना वायरस का संक्रमण हो गया है। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों को तबलीगी जमात के संपर्क खंगालने को कहा गया है ताकि कोरोना के संक्रमण को काबू किया जा सके। अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली में तबलीगी जमात के 1800 सदस्यों को दिल्ली के 9 अस्पतालों और क्वारेंटाइन सेंटर में भेजा गया है। जहां उन्हें चिकित्सकीय निगरानी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ जारी जंग जीतने के लिए देशवासियों को सामाजिक दूरी के दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए।

3.2 लाख आईसोलेशन बेड तैयार करेगा रेलवे 

लव अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के मरीजों के लिए रेल मंत्रालय 3.2 लाख बेड तैयार कर रहा है। इसके लिए रेलवे ने 20 हजार कोच चिन्हित किए हैं। पांच हजार कोच में आईसोलेशन बेड तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे 80 हजार नए आईसोलेशन बेड तैयार होंगे। जबकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय की लाइफ लाइन सेवा के जरिये विभिन्न राज्यों में अब तक 15.4 टन दवाइयां पहुंचाई जा चुकी हैं।

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