CRIME Uttar Pradesh

गार्विट इनोवेटिव प्रोमोटर्स लिमिटेड के सीएमडी संजय भाटी और डायरेक्टर राजेश भार्दवज हुए गिरफ्तार

 • एक स्कीम “बाइक बोट” में अच्छे रिटर्न्स के इंडक्शन पर लगभग 42 हजार करोड़ की राशि का हेर फेर हुआ। लोगो को इस स्कीम के ज़रिये फ्रॉड किया गया
• और उन लोगो से इस स्किम के नाम पर लिए पैसो से वह लोग अपने काम कर रहे थे
• नोएडा उत्तर प्रदेश और कई राज्यों में इनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गयी है
• प्रवर्तन निदेशालय इस मामले पर जांच कर रही है।
कई पीड़ितों ने संजय भाटी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। गर्विट इनोवेटिव प्रमोटर लिमिटेड का प्लॉट नंबर -1, चिट्टी, दादरी, जिला में अपना पंजीकृत कार्यालय है। गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश में रुपये की धोखाधड़ी के बारे में यह आरोप लगाया गया है कि आरोपी व्यक्तियों ने पीड़ितों को  रुपये का निवेश करने के लिए प्रेरित किया है। और लगभग 42 हज़ार करोड़ का घोटाला किया है। लोगों को बताया गया कि आप एक बाइक या एक से ज्यादा बाइक की कीमत का पैसा कंपनी में निवेश करें, बदले में कंपनी आपको हर महीने एक निश्चित रिटर्न देती रहेगी। स्किम के मुताबिक 62,100 रुपए के निवेश पर कंपनी हर महीने 9,756 रुपए का रिटर्न देने का वादा करती थी। यानी साल भर में 1,17,180 रुपए का रिटर्न, कंपनी के ऐसे कई प्लान थे ।  इस तरह बाइक बोट की कंपनी ने लोगों से लाखों रुपए जुटा लिए, लोगों ने तगड़ा मुनाफा देखते हुए रातों-रात इस कंपनी में अपने जीवन भर की पूंजी लगा दी थी। और जनवरी 2019 में इस कंपनी ने इ-बाइक स्कीम लांच की, जिसके तहत अगर लोग बाइक पर 1.24 लाख रुपये का निवेश करते है तो उन्हें 17,000  रुपये प्रति माह एक साल तक के लिए मिलेगा।  लोग फायदे की आस में पैसा लगाते गए, कुछ समय के लिए उनको मुनाफे मिले।  लेकिन फिर भरोसा जीतते ही यह लोग फरार हो गए।
जांच के दौरान, यह सामने आया कि लगभग 8000 शिकायतकर्ता दिल्ली से हैं और उनकी ठगी गई राशि लगभग 250 करोड़ है। जांच के दौरान  कंपनी गार्विट इनोवेटिव प्रमोटर लिमिटेड का विवरण आईडीबीआई बैंक यमुना विहार दिल्ली, आईसीआईसीआई बैंक पल्लवपुरम, मेरठ / खुर्जा शाखाओं और नोबल को-ऑपरेटिव बैंक, नोएडा से प्राप्त किया गया। आर बी आई द्वारा मिले जवाब में, यह बताया गया था कि यह कंपनी आर बी आई  के साथ एन बी एफ सी  के रूप में पंजीकृत नहीं थी और वह जनता से धन एकत्र करने के लिए अधिकृत नहीं थी। सौ करोड़ रुपए की संपत्तियों की संख्या की पहचान की गई है और उनका सत्यापन किया जा रहा है। इसने आगे बताया कि प्रवर्तन निदेशालय लखनऊ जोनल कार्यालय भी इस मुद्दे की जांच कर रहा है। नोएडा में कई मामले दर्ज हैं।
डॉ ओ.पी. मिश्रा (जॉइंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस, आर्थिक अपराध शाखा, दिल्ली पुलिस, नई दिल्ली) का कहना है की, वर्तमान मेंन्यायिक हिरासत में एफआईआर 340/19 P. पर करवाई की जा रही है। दादरी जिला गौतमबुद्धनगर उ.प्र, माननीय न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद, दोनों आरोपी को  गिरफ्तार किया गया और उन्हें गौतम बुद्ध नगर जेल में रखा गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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