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किसानों के लाभ के लिए सरकार ने की डिजिटल कृषि मिशन की शुरूआत- नरेंद्र सिंह तोमर

नई दिल्ली, 30 सितंबर 2021, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर क्रॉपलाइफ इंडिया (सीएलआई) की 41वीं वार्षिक आम सभा और परिचर्चा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल पर फोकस कर रही है। इसी के साथ सरकार ने डिजिटल कृषि मिशन की शुरूआत की है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने डिजिटल कृषि को आगे ले जाने के लिए निजी क्षेत्र के साथ एमओयू साइन किए है, जिनका उद्देश्य किसानों की आमदनी बढ़ाते हुए उन्हें हर तरह से लाभ पहुंचाना है।

भारत@75:एग्रोकेमिकल सेक्टर का सफर, विषय पर आयोजित परिचर्चा में केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि सीएलआई संयुक्त रूप से 70 प्रतिशत क्रॉप प्रोटेक्शन मार्केट का प्रतिनिधित्व करता है, देश में 95 प्रतिशत मॉलीक्यूल्स को लाने में इसकी भूमिका रही है। सीएलआई की सदस्य कंपनियां अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर रही हैं और वैश्विक स्तर पर रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर सालाना 6 अरब डॉलर खर्च करती हैं, जिससे किसानों के लिए नए एवं सुरक्षित इनोवेशन संभव होते हैं। भारत एग्रोकेमिकल्स का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है। इस क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए सरकार ने एग्रोकेमिकल सेक्टर को 12 चैंपियन सेक्टर्स में शामिल किया, जहां भारत वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इनोवेशन, पंजीकरण प्रणाली में तेजी, प्रारंभिक फसल संरक्षण अनुसंधान व डिजिटलीकरण अभियान की मदद से केमिकल सेक्टर में अग्रणी होने की काफी क्षमता है।

तोमर ने कहा कि कोविड-19 अभूतपूर्व वैश्विक संकट रहा लेकिन इस दौर में भी कृषि क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा उठाए विभिन्न कदमों ने अर्थव्यवस्था को गति दी। कोविड ने चुनौतियां पेश करने के साथ-साथ संबंधित पक्षों को प्रयोग व परीक्षण करने, सीखने और इनोवेटिव आइडिया को लागू करने का अवसर भी प्रदान किया है। किसानों की मेहनत, वैज्ञानिकों की कुशलता व सरकार के समन्वित प्रयासों से लॉकडाउन के दौरान कृषि इनपुट को छूट देने के कदमों ने कृषि उत्पादकता को स्थिर रखने में मदद की व अन्य क्षेत्रों में भारी गिरावट के बावजूद आर्थिक परिदृश्य को सकारात्मक बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि उच्च एमएसपी, नकदी की उपलब्धता बढ़ाने, महत्वपूर्ण उत्पादों का विनियमन करने, किसानों को मनचाही जगहों पर उत्पाद बेचने की आजादी देने और कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग जैसे कृषि सुधार के सरकार के निर्णय परिवर्तनकारी हैं, जो भारत में कृषि क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी व लाभदायक बनाएंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड संकट के कारण कई देश अपने प्रोडक्शन बेस व आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने तथा जोखिम कम करने के लिए प्रयासरत हैं, भारत के पास इस बदलाव का लाभ लेने का अवसर है। इस महत्वपूर्ण मोड़ पर मौजूदा अवसर को भुनाने की दिशा में कारोबारी सुगमता व प्रगतिशील एवं स्टेबल रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क से निवेशकों का विश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी। श्री तोमर ने कहा कि सटीक कृषि न केवल दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि खेती को अधिक टिकाऊ बनाएगी। भारत को एक जिम्मेदार वैश्विक खिलाड़ी के रूप में स्थापित करते हुए व्यापक व्यवस्था तैयार करने की जरूरत है, जो भारत के विकास में भी सहायक हो।

क्रापलाइफ इंडिया के चेयरमैन डा. के.सी. रवि, सीईओ श्री असितव सेन, पीआई इंडस्ट्रीज के चेयरमैन श्री सलिल सिंघल, रैलिस इंडिया के एमडी व सीईओ श्री संजीव लाल ने भी संबोधित किया। इस वर्चुअल कार्यक्रम में अनेक अन्य उद्यमी और क्रापलाइफ इंडिया के सदस्य जुड़े हुए थे।

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