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आत्मनिर्भर भारत के पांच स्तंभ – मोदी #AatmanirbharBharat #20LakhCrorePackage

यह हमारे ‘लोकल उत्पादों’ का गर्व से प्रचार करने और उन्हें ‘वैश्विक’ बनाने का समय है: प्रधानमंत्री

आत्मनिर्भर भारत:- 

कोरोना महामारी के काल से पहले और बाद की दुनिया का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी को भारत की सदी बनाने के सपने को पूरा करने के लिए यह सुनिश्चित करते हुए आगे बढ़ना है कि देश आत्मनिर्भर हो जाए। संकट को एक अवसर में बदलने की बात कहते हुए उन्होंने पीपीई किट और एन-95 मास्क का उदाहरण दिया, जिनका भारत में उत्पादन लगभग नगण्य से बढ़कर 2-2 लाख पीस प्रतिदिन के उच्‍च स्‍तर पर पहुंच गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भूमंडलीकृत दुनिया में आत्मनिर्भरता के मायने बदल गए हैं। उन्‍होंने स्पष्ट किया कि जब भारत आत्मनिर्भरता की बात करता है, तो वह आत्मकेंद्रित व्यवस्था की वकालत नहीं करता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति दुनिया को एक परिवार के रूप में मानती है, और भारत की प्रगति में हमेशा विश्व की प्रगति समाहित रही है। दुनिया को भरोसा है कि संपूर्ण मानवता के विकास में भारत का काफी बड़ा योगदान है।

आत्मनिर्भर भारत के पांच स्तंभ

प्रधानमंत्री मोदी ने कच्छ में भूकंप के बाद मची तबाही को स्‍मरण करते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प की बदौलत क्च्छ फि‍र से अपने पैरों पर खड़ा हो गया। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठीक इसी तरह के दृढ़ संकल्प की जरूरत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत इन पांच स्तंभों पर खड़ा होगा: अर्थव्यवस्था, जो वृद्धिशील परिवर्तन नहीं, बल्कि लंबी छलांग सुनिश्चित करती है; बुनियादी ढांचा, जिसे भारत की पहचान बन जाना चाहिए; प्रणाली (सिस्‍टम), जो 21वीं सदी की प्रौद्योगिकी संचालित व्यवस्थाओं पर आधारित हो; उत्‍साहशील आबादी, जो आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है; और मांग, जिसके तहत हमारी मांग एवं आपूर्ति श्रृंखला (सप्‍लाई चेन) की ताकत का उपयोग पूरी क्षमता से किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग बढ़ाने के साथ-साथ इसे पूरा करने के लिए भी आपूर्ति श्रृंखला के सभी हितधारकों को मजबूत करने के महत्व को रेखांकित किया।

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