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अरविंद केजरीवाल ने बिजली, पानी और डी.टी.सी के नाम पर 151564 करोड़ रुपये का किया घोटाला : CAG से फॉरेंसिंक जांच की मांग – मनोज तिवारी

अरविंद केजरीवाल और उनके साथी का फेसबुक अकाउंट भारत से बाहर कतर, कनाडा से चल रहा है

नई दिल्ली, 17 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद श्री मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल सत्ता में आने के बाद सिर्फ बिजली, पानी और डी.टी.सी. में ही 151564 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अगले तीन दिनों में इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण नहीं दिया तो भाजपा उसी तरह राज्यव्यापी आंदोलन चलाएगी जैसे कि आबकारी नीति के विरोध में चलाया गया था। पार्टी इतने बड़े घोटाले को लोकायुक्त और उपराज्यपाल से भी जांच करने की मांग करेगी। तिवारी ने सी.ए.जी. से उपर्युक्त मामले में फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है।

आज एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार का हर विभाग इस वक्त भ्रष्टाचार की नाव पर सवार है।  डीटीसी में 2019 तक 38753 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। इतना ही नहीं 5280.55 करोड़ रुपये सिर्फ मार्च 2020 तक का रिकॉर्ड है। उन्होंने केजरीवाल को याद कराया कि जब सत्ता में आए थे तो 11000 बसें लाने की बात करते थे, लेकिन आज जब आठ साल सत्ता में रहने के बाद भी बसें 6600 से सिर्फ 3760 बच गई हैं। आखिर केजरीवाल को बताना चाहिए कि दिल्ली की तीन करोड़ जनता के लिए कितनी बसों की जरुरत है। तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मदल लाल खुराना और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल विहारी बाजपेयी का आभार व्यक्त किया जिन्होंने दिल्ली में मेट्रो लाकर दिल्ली की जनता को परिवहन की सबसे बड़ी सौगात दी नहीं तो आज हालत बद से बदतर हो जाती।

सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल ने बिजली कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए साल 2015-21 तक बिजली के नाम पर 49636 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। जबकि उन्होंने तो दिल्लीवासियों को मुफ्त बिजली देने की बात कही थी। फिर 49636 करोड़ रुपये का केजरीवाल ने क्या किया। क्या इन पैसों से आम आदमी पार्टी ने पंजाब, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में चुनाव लड़ी। उन्होंने केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि ‘बिजली हाफ पानी साफ’ का नारा दिल्लीवासियों के साथ सिर्फ एक छलावा था और आज उस छलावे को सच करने के पीछे करोड़ों रुपये होर्डिंग्स और प्रचार में बहाए जा रहे हैं।

मनोज तिवारी ने एक RTI के हवाले से जवाब देते हुए कहा कि जलबोर्ड साल 2013 तक 6000 करोड़ रुपये के मुनाफें में चल रहा था लेकिन केजरीवाल के आने के बाद 57895 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहा है। भ्रष्टाचार का इससे बड़ा प्रमाण और क्या हो सकता है कि साल 2015-16 के बाद से बैलेंस शीट तक नहीं बनी हैसी.ए.जी ने 22 लगातार पत्र लिखकर जलबोर्ड ऑडिट कराने की बात कही, लेकिन केजरीवाल सरकार ने उसका कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और उनके साथी का फेसबुक अकाउंट भारत से बाहर कतर, कनाडा से चल रहा है जो कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा है। इसलिए सवाल यह भी है कि क्या केजरीवाल एंड कंपनी विदेशी शक्तियों को मजबूत करने के लिए पैसे दे रहे हैं। आज प्रेसवार्ता में प्रदेश भाजपा रिलेशन विभाग के प्रभारी हरीश खुराना, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती पूजा सूरी और भाजपा नेता नीलकांत बख्शी भी उपस्थित थे।

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